बेहतरीन सुविधाओं के बाद भी अव्यवस्थाओं के कुचक्र में है “डफरिन हॉस्पिटल”

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य की स्वास्थ व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के प्रति लगातार प्रयत्नशील है। खुद राज्य सरकार के स्वस्थ मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह बेहतर स्वास्थ्य सविधाओं के लिए कटिबद्ध है। इसका जीता जागता उदाहरण है राजधानी के गोलागंज में स्थित वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय जिसे आम भाषा मे डफरिन हॉस्पिटल के नाम से भी जाना जाता है।

वार्डों की बेहतरीन सफाई, चिकित्सकों की चौबीस घंटे उपलब्धता और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के चलते ये अस्पताल सिर्फ गोलागंज ही नही पूरे लखनऊ में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वालों की पहली पसंद बन गया है। आलम ये है कि यहां हर दिन हजारों मरीजों की भीड़ लगी रहती है और यही से दिखने लगता है इस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का कुचक्र।

आलम ये है कि लंबी लंबी भीड़ के चलते यहां मरीजों को ओपीडी में दिखाने से लेकर जाँच कराने तक के लिए घंटो अपनी बारी आने की प्रतिक्षा करनी होती है। घंटों की प्रतीक्षा के बाद जब मरीज का नबर आता है तो उसे जांच रिपॉर्ट की लिए अगले दिन का इंतज़ार करना पड़ता है। इस विषय मे अगर आप लैब इंचार्ज से कुछ भी कहने की कोशिश करें तो लंबी भीड़ का बहाना करके वो आपको शांत रहने पर मजबूर कर देता है। ऐसी परिस्थिति में सबसे ज्यादा समस्या उन मरीजों को होती है जिन्हें डॉक्टर को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट दिखानी होती है।

इस विषय मे अस्पताल में दिखाने आयी एक गर्भवती महिला ने कहा कि वैसे तो इस अस्पताल ने सुविधाओं की कोई कमी नही। बेहतरीन दवाइयों से लेकर डॉक्टरों तक उपलब्धता हर पल मौजूद रहती है पर ये सारी व्यवस्थाएं जहां इस अस्पताल की खूबियों को दर्शाती है वही जांच रिपोर्ट के नाम पर होने वाली देरी अस्पताल की बेहतरीन व्यवस्थाओं पर बट्टा लगा देती है। इस मरीज ने साफ तौर पर कहा कि लाख सुविधओं के वावजूद जांच कराने से लेकर जांच रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी कही न कही अस्पताल में व्यापत कुव्यवस्थाओं को भी दर्शाती है जिस पर अस्पताल प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।

इस विषय मे जब डफरिन की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.नीरा जैन से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि ओपीडी की समस्या के समाधान के लिए हम जल्द ही फ़िल्टर क्लीनिक की व्यवस्था लागू करने जा रहे है। इस व्यवस्था को चलाने के लिए हमने शासन से डॉक्टरों की मांग की है। उम्मीद है कि एक अगस्त है फ़िल्टर क्लीनिक की व्यवस्था चालू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि अभी तक तीन कमरों में दो डाक्टरो के नेतृत्व में ओपीडी चल रही है। फ़िल्टर क्लीनिक व्यवस्था शुरू होने के बाद ओपीडी की व्यवस्था और अच्छी हो जायेगी। जहां तक सवाल पैथोलॉजी का है तो हमारे यहां बाहर से आये हुए एएनसी प्रोफइल के मरीजों की भी जांच होती है और इसके साथ ही मेडिकोलीगल भी हो रहा होता है। उन्होंने कहा कि मामला अगर सिर्फ हमारे मरीज़ों की जांच तक हो तो मेरी समझ से ब्लड कलेक्शन के एक काउंटर से ही हम भीड़ को नियंत्रित कर सकते है।

तो इस तरह चलेगी है फिल्टर क्लीनिक व्यवस्था :

जब डॉ नीरज जैन से फ़िल्टर क्लीनिक व्यवस्था के बारे में विस्तार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फ़िल्टर क्लीनिक का सीधा अर्थ है मरीजों को उनकी जरूरत के हिसाब से फ़िल्टर कर देना। अभी तक क्या होता है कि सभी तरह के मरीजों को एक ही ओपीडी में भेजा जाता है जिस वजह से ओपीडी में भीड़ बढ़ जाती है। पर फिल्टर क्लीनिक व्यवस्था लागू होने के बाद हम मरीजों को उनकी समस्यों के हिसाब से फ़िल्टर कर देंगे। जैसे गर्भवती महिलाओं का सेक्शन अलग, सिर्फ रिपॉर्ट दिखाने आने वाली महिलाओं का सेक्शन अलग, अडोलेशन का सेक्शन अलग और छुट्टी के दिनों में आने वाले मरीजों का सेक्शन अलग। जब ये व्यवस्था लागू हो जायेगी तो हमे ये पता होगा कि किस मरीज को कहां भेजना जिससे हम ओपीडी के बाहर लगने वाली भीड़ को काफी हद तक नियंत्रित कर ले जायेंगे।

अस्पताल के सार्वजनिक शौचालय में व्याप्त गंदगी के बारे में पूछने पर डॉ नीरा जैन ने कहा कि हमारी तरफ से शौचालय की साफ सफाई के लिए दो कर्मचारी नियुक्त किये गए है। वो लगातार सफ़ाई व्यवस्था को बनाये रखने के लिए प्रयत्नशील है पर मेरी समझ से इसको अच्छा बनाने के लिए यहां आने वाले मरीज़ों को भी जागरूक होना होगा। हम लगातार मरीजों को जागरूक करने के प्रति प्रयत्नशील है जगह जगह हम बोर्ड्स में लगा जिसमे हम शौचालय के उपयोग के लिए मरीजों को जागरूक कर रहे है। पर चूंकि हमारे यहां आने वाले ज्यादातर मरीज ऐसे क्षेत्रों से आते है जहां उन्हें शौचालयों के उपयोग की कोई जानकारी नही होती है जिस वजह से अस्पताल में सफाई व्यवस्था को बनाये रखना हमारे लिए बड़ी चुनौती है पर फिर भी हम प्रयत्नशील है और जल्द ही व्यवस्थाओं में बड़ा सुधार दिखेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1
Save our number on your phonebook and send "START NEWS". You will now receive all our news If you wish to stop receive than just send "STOP NEWS"
I accept that I will receive messages in selected messenger and my data will be processed.
Powered by