कानून व्यवस्था पर सपा मुखिया अखिलेश का एक बार फिर से योगी सरकार पर वार

लखनऊ: समाजवादी पार्टी मुखिया व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सूबे की सरकार योगी आदित्यनाथ को घेरते हुए उसे हर मोर्चे पर असफल करार दिया है। अखिलेश ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते जनता का अमन चैन छिन गया है। निर्दोष मारे जा रहे हैं और अपराधिक धाराओं में फर्जी फंसाकर अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। महिलाओं और छात्राओं के साथ रोजाना दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है। नौजवान बेकारी से जूझ रहा है। गरीब की कहीं सुनवाई नहीं है। राज्यभर में जीवन अस्त-व्यस्त और भयग्रस्त है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद तो जनपदों में सत्ता का घोर दुरूपयोग होने लगा है। किसानों, गरीबों, नौजवानों और अल्पसंख्यकों पर अन्याय हो रहा है। उन्हें अपमानित किया जा रहा है। थानों में पीड़ित की सुनवाई होती नहीं उल्टे उसका ही उत्पीड़न किया जाता है। भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की घोषणाएं सिर्फ मन बहलाने के लिए होती हैं। भाजपा राज में जनता अपने को असहाय पा रही है।

गरीब किसानों पर व गायों की समस्याओं पर बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि भूख के कारण गरीबों और गायों की जिंदगी खतरे में है। कोटेदारों की मनमानी के कारण गरीब परिवारों को राशन मिलने में कठिनाई होती है। बहुतों के तो राशनकार्ड तक नहीं बन पाए है। अस्पतालों में गरीब तीमारदारों को निवास, भोजन की भारी असुविधा रहती है, उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।

उन्होने कहा कि गौमाता की भाजपा बात तो जोरशोर से करती है लेकिन भाजपा की सरकार में गौशालाओं में सैकड़ों गाएं भूख और बीमारी से मर चुकी है। हाल में प्रयागराज में 35 से ज्यादा गायों की मौत हुई। अयोध्या में 30 गायों की मौतें हुई। खुद राजधानी भी इससे अछूती नहीं है। रायबरेली में 24 सुल्तानपुर में दर्जनभर से ज्यादा गायों की मौतें हुई। जनपदों में खुले में घूम रही गायें पालीथिन और कूड़ाकचरा खाकर मौत के मुंह में जा रही है। भाजपा सरकार की यह संवेदनहीनता निंदनीय है। अखिलेश ने कहा कि गायों और गरीबों की मौत की जिम्मेदारी सरकार पर है।

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