कांग्रेस के बाद अब ‘आप’ ने किया किसानों का समर्थन

हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के किसानों ने मोदी सरकार के बनाए गए किसान विरोधी काले कानून के खिलाफ जमकर आंदोलन किया। जिसके बाद केंद्र सरकार ने आंदोलनकारी किसानों का उत्पीड़न करते हुए उनपर पानी की बौछार के साथ-साथ पुलिस बल का भी प्रयोग किया।

जब इन सब के बावजूद किसानों को रोकने में मोदी सरकार नाकाम हो गई तब सरकार ने कई किसानों के ऊपर महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया।

अत्याचार के बाद भी किसानों का हौसला मोदी सरकार कम नहीं कर पाई और सरकार को किसानों की एकता के सामने झुकना पड़ा।केंद्र सरकार के बातचीत के फैसले को किसानों ने ठुकरा दिया वहीं पंजाब के किसान यूनियन अध्यक्ष सुरजीत फूल ने गृहमंत्री अमित शाह की ओर से किसान को लेकर बातचीत के शर्त को किसानों का अपमान बताया है।

किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी ने भी किसानों का साथ देने की बात कही है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह ने कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन को जायज ठहराते हुए पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वह भी इस आंदोलन का हिस्सा बनें। संजय ने कहा भाजपा सरकार किसानों की मांग को पूरा करने के बजाए आंदोलन को कुचलना चाहती है। उन्होंने कहा भाजपा किसान को उनके उपज का सही मूल्य नहीं दे रही है। एमएसपी खत्म करके मोदी सरकार ने देश के करोड़ों किसानों के साथ धोखा किया है।

वहीं दूसरी तरफ किसान आंदोलन को लेकर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा की भाजपा सरकार को अन्नदाता की कोई परवाह नहीं। उन्हें चिंता है तो बस कॉर्पोरेट घराने की कैसे झोलियां भरी जाएं।किसानों को आतंकवादी कहकर अपमानित करना भाजपा का असल चेहरा है। अखिलेश ने कहा शिक्षामित्रों की समस्या जस की तस है। 17000 अनुदेशकों को वेतन देने का वादा भाजपा सरकार ने किया लेकिन दिया नहीं। विवश होकर लोग आत्म हत्या कर रहे हैं|

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