कानून वापस न लेने के सरकार के फैसले पर राहुल का पलटवार

हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के किसान नए कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं| जिसको लेकर विज्ञान भवन में केंद्र सरकार और किसानों के बीच बैठक हुई| बैठक में सरकार की ओर से किसानों को खाने के लिए पूछे जाने पर किसानों ने कहा हम अपना खाना साथ लाए हैं और बड़ी ही सादगी के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाने लगें|

केंद्र सरकार के मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने किसानों से बैठक के दौरान कहा की एमएसपी को हम छुएंगे तक नहीं वहीं किसानों का कहना है की संसद सत्र बुलाकर को कानूनों को ख़त्म किया जाए|

आठ घंटे की बैठक के बाद सरकार ने नए कृषि कानून को लेकर स्पष्ट किया की न ही कानून वापस होंगे और न ही एमएसपी को लेकर कोई कानूनी दर्जा देंगे|

किसान आन्दोलन को लेकर भाकियू के किसान यूनियन अध्यक्ष राकेश टिकेट ने कहा सरकार किसानों को नीचा दिखने की कोशिश कर रही है| जबतक सरकार की ओर से किसानों के हक में फैसला नहीं आता तबतक आन्दोलन जारी रहेगा|

टिकैत ने कहा की सरकार छोटी सी बात को बड़ा बने की कोशिश कर रही है| सरकार किसानों के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है| 2014 के चुनाव में सरकार ने किसानों को लेकर गन्ने के 400 रुपये क्विंटल रेट देने की बात कही थी पर इसपर कोई भी चर्चा नहीं की गई| सरकार के रवैये के बाद हमारे पास आन्दोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है|

रास्तों पर आन्दोलन के कारण लग रहे लम्बे जाम को लेकर टिकैत ने जनता से माफ़ी मांगते हुए कहा की हमें जनता माफ़ करे इन सब के पीछे सरकार जिम्मेदार है|

नए कृषि कानून और किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा की कृषि संबंधी काले कानून को पूरी तरह से रद्द करने से कम कुछ भी स्वीकार करना किसानों के साथ विश्वासघात होगा|

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