कृषि कानून के विरोध में राहुल समेत उतरा विपक्ष

किसान आंदोलन का मुद्दा अब धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों के समर्थन में कई राजनीतिक पार्टियों ने हिस्सा लेते हुए किसानों पर हुए अत्याचार का पूर्ण जोर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार को कृषि बिल पर पुनर्विचार करने की मांग की है

कृषि कानून को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से कृषि संबंधी कानूनों पर पुनर्विचार करने को लेकर मांग की है कृषि से संबंधित तीन कानूनों पर देश के किसान असहमति जताते हुए आक्रोशित व आंदोलित हैं ऐसे में किसानों की आम सहमती के बिना बनाए गए इन कानूनों पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा भाजपा सरकार ने किसानों की आय को दुगनी करने की बात कही, मोदी सरकार ने आय तो कई गुना बढ़ा दी लेकिन अड़ानी अंबानी की। राहुल ने कहा जो काले कृषि कानूनों को अब तक गलत ठहरा रहे हैं वो किसानों के पक्ष में हल क्या निकालेंगे। राहुल ने तीनों कानून को रद्द करने की मांग करते हुए कहा प्रधानमंत्री खुद किसानों के प्रतिनिधि मंडल से बातचीत करें।

कृषि कानून को लेकर रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी कृषि बिल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा किसान कृषि बिल को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने दिल्ली जा रहे किसानों पर लाठी, वाटर वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागकर भाजपा सरकार ने एक बार फिर अपनी किसान विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है लोकतंत्र में संवाद की जगह केंद्र सरकार लाठीतंत्र के बल पर किसानों की आवाज को डंडे के दम पर दबाना चाहती है।

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