यूपी में लगातार बढ़ रहा महिला अपराध, ‘मिशन शक्ति’ पर सवालिया निशान

पिछले एक महीन में महिलाओं के खिलाफ अपराध- 205

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा गंभीर मुद्दे का रूप ले चुका है। प्रदेश में अपराधी हर दिन दर्जनों खौफनाक घटनाएं अंजाम दे रहे हैं और प्रशासन पूरी तरह से पस्त नजर आ रहा है। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर लगाम लगाने के लिये योगी जी ने मिशन शक्ति कार्यक्रम लॉन्च किया। प्रदेश भर में घूम-घूम कर उन्होंने खूब भाषणबाजी भी की। चौराहों को ‘मिशन शक्ति’ के होर्डिंग्स से भी पाट दिया। अखबारों से लेकर टीवी के प्रचारों में जनता का खूब पैसा भी बहाया गया। लेकिन मिशन शक्ति के एक महीना पूरा होने के बावजूद जमीनी हकीकत इतनी भयावह है मानो ‘मिशन शक्ति’ अपराधियों को ही शक्ति दे रहा है।

योगी सरकार के दावों की असल सच्चाई जानना चाहते हैं तो 17 अक्टूबर से लेकर 17 नवंबर तक महिलाओं के खिलाफ हुए इन अपराधों पर ही नजर दौड़ा लीजिये-
हत्या- 73
बलात्कार- 62
गैंगरेप- 15
छेड़छाड़- 31
रेप और छेड़छाड़ के बाद हत्या- 15

ये कुल 205 अपराध तो सिर्फ वे अपराध हैं जो सामने आए हैं। ऐसे ही न जाने कितने अपराध हैं जिसे साजिश के तहत दबा दिया गया। विपक्ष, प्रदेश के इन हालात को जंगलराज करार कर रहा है। इस ‘जंगलराज’ के खस्ता हाल कानून व्यवस्था का आलम यह है कि पीड़िता या तो दबाव में आत्महत्या कर लेती है, या फिर अपराधी उनकी आवाज को हमेशा के लिये शांत कर देते हैं। प्रदेश की राजधानी से लेकर मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र तक कहीं भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। वहीं मिशन शक्ति’ का हश्र ऐसा है कि इस अभियान में लगी महिला दरोगा और एंटी रोमियो की प्रभारी स्वंय अपने महकमे में ही शोषण का शिकार हो रही हैं। इस सूरत में आम जनता की सुरक्षा कैसे होगी, यह एक सवालिया निशान है।

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