स्मार्ट मीटर को लेकर प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर उठाएं सवाल

स्मार्ट मीटर के संदर्भ में उसकी गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल के बीच उपभोक्ताओं की तरफ से आए पहले दिन के फीडबैक ने उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन की नींद उड़ा दी है। फीडबैक के पहले दिन ही 61 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को नकार दिया।

विभाग के हेल्पलाइन 1912 के माध्यम से मिले उपभोक्ताओं के फीडबैक आने से मध्यांचल विधुत वितरण निगम द्वारा सामने लाने के बाद बिजली कंपनियों में हड़कंप मचा हुआ है।

दरअसल समार्ट मीटर के शुरुआती दौर में ही मीटर के स्पीड को लेकर तमाम तरह की शिकायते सामने आ रह थी। वही इस समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश उपभोक्ता परिषद भी लगातार उर्जामंत्री के समक्ष और विधुत नियामक आयोग में भी उठाया जा रहा था।

जिसके बाद विध्यांचल विधुत वितरण मंडल में हेल्पलाइन 1912 के माध्यम से उपभोक्ताओं से लिखित फीडबैक लेने का फैसला किया था।

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि मध्यांचल विधुत  वितरण निगम के द्वारा सामने लाये गए पहले दिन के फीडबैक में ही 61 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर असंतोष जाहिर किया है।

वर्मा ने बताया कि पहले दिन कुल लगभग 2230 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बात कर उनका फीडबैक लिया। जिसमें 1067 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर फीडबैक में अपनी असंतुष्टि जाहिर की। वहीं 669 स्मार्ट मीटर उपभोक्ता संतुष्ट दिखे और छह उपभोक्ताओं ने पूर्ण संतुष्टि जाहिर की, जबकि 488 उपभोक्ताओं की राय अंकित नहीं की गई है।

फीडबैक आने के बाद बिजली कंपनियों में हडकंप मचा हुआ है जो पहले लीपा-पोती करने में लगे थे और मीटर निर्माता कम्पनियों को बचा रहे थे। अवधेश कुमार वर्मा ने कहा अब उपभोक्ताओं के सामने आये फीडबैक के आधार पर उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर सरकार को घेरते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर स्मार्ट लूट का साधन थे। 61 प्रतिशत जनता ने स्मार्ट मीटर को ख़ारिज कर दिया। सरकार को ये सामने लाना चाहिए था कि किसकी सहमती एवं अनुमति से स्मार्ट मीटर लगाए गए। इस लूट का पूरा ब्यौरा सरकार को सामने रखना चाहिए।

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