हरियाणा और पंजाब के बाद अब यूपी के किसानों ने भी बिल के खिलाफ दर्ज किया विरोध प्रदर्शन

किसानों पर अत्याचार की चिंगारी अब उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक पहुंच चुकी है। किसानों ने केंद्र सरकार से बिल वापस लेने की मांग की है। जिसको लेकर प्रदेश के कई जिलों में चक्का जाम जैसी स्तिथि बनी हुई है। दिल्ली कूच के दौरान किसानों पर सरकार की बर्बरता और पुलिस की लाठी चार्ज से आहत भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष गुरमीत सिंह के साथ किसानों ने रायबरेली हाई-वे को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। जिसकी वजह से सुल्तानपुर रोड पर 2 किमी लंबा जाम लगा रहा।

लखनऊ में भी शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरनाम सिंह वर्मा के नेतृत्व में चिनहट थाना चेत्र के नौबस्ता कला में प्रदर्शन किया| हरनाम सिंह ने बताया कृषि कानून को वापस लेने और किसानों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में प्रदर्शन जरी रहेगा। वर्मा ने कहा हम आर पार की लड़ाई लड़ेंगे और पुलिस “हमें गिरफ्तार करेगी तो हम गिरफ़्तारी देंगे”

अहिमामऊ पर प्रदर्शन के लिए जा रहे भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष हरनाम सिंह को हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं को ईको गार्डन भेज दिया गया| इससे नाराज किसानों ने ट्रेक्टर व पिकअप पर लाए धान और पराली से लदी गाड़ी रोड पर खड़ी कर सड़क के बीच बैठ गए।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप कुमार पाण्डेय ने किसान विरोधी बिल को लेकर वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरी फसल खरीद की गारंटी, किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और फसल लागत मूल्य पर 50 फीसदी मुनाफा देने की मांग की है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने दावा करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में उनके साथ किसान जुड़े हुए हैं।

आंदोलन के बीच यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने लखनऊ में प्रदर्शन को बेअसर बताया उन्होंने कहा किसानों की चेतावनी को देखते हुए प्रदेश में व्यापक तैयारियां की गई है।

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