हाथरस के डीएम को अभी तक न हटाए जाने पर कोर्ट ने जताई आपत्ति

हाथरस की बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध पर बुधवार को अलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई हुई। 2 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान 25 नवंबर को सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई से रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति राजन रॉय की अध्यक्षता में पूरे मामले की सुनवाई की गई। सीबीआई की तरफ से मामले की रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के सामने अपना पक्ष रसखते हुए सीबीआई ने कोर्ट को बताया की जांच तेजी से आगे बढ़ रहा है। सीबीआई ने बताया कि अपराध में शामिल सभी आरोपियों की जांच चल रही और संभवतः 10 दिसंबर तक जांच पूरी हो जाएगी उधर कोर्ट ने मामले को लेकर अगली सुनवाई की तारीख 16 दिसंबर को तय की है।

सुनाई के दौरान कोर्ट ने हाथरस के डीएम को न हटाने पर सरकार से नाराजगी जताई। जिसपर सरकार ने अपने पक्ष में जवाबी हलफनामा दाखिल किया।

2 नवंबर को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था, गृह सचिव व हाथरस के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार के संबंध में कोर्ट ने सरकार से सवाल पूछा था क्या विवेचना के दौरान उन्हें हाथरस में बनाये रखना निष्पक्ष और उचित है।

पूरे मामले और हाथरस के डीएम को न हटाए जाने का योगी सरकार के इस फैसले पर कोर्ट ने भी आपत्ति जताई है।

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