इटावा: किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास, कार्रवाई से आहत होकर की आत्महत्या

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार के सभी दावे बेअसर है| महिलाओं के खिलाफ हो रहे जघन्य अपराध को रोकने के लिए सरकार द्वारा चलाए गए मिशन शक्ति जैसे तमाम अभियानों का अपराधियों पर कोई असर नहीं है बिना किसी भी भय के अपराध की घटना को अंजाम दिए जा रहे हैं| प्रदेश में बढ़ते अपराध को देखकर ऐसा लग रहा है कि कानून के हाथ अब अपराधियों के सामने छोटे साबित हो रहे हैं|

ऐसी ही एक घटना इटावा की है जहां किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया| दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से किशोरी आहत थी| बलरई थाना क्षेत्र की निवासी किशोरी ने ट्रेन से कटकर जान दे दी| पीड़ित परिजनों का कहना है कि किशोरी के साथ हुई घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गए जहां पुलिस ने कार्रवाई के बजाए उल्टा पीड़ित परिवार को गाली देकर वहां से भगा दिया|

वहीं मामले में खुद को घिरता देख थाना प्रभारी का कहना है कि पीड़िता के भाई के तरफ से आई तहरीर पर जांच चल रही थी| इसी बीच आरोपी पक्ष से पीडिता के भाई ने समझौता कर लिया|

गांव के एक युवक ने जानकारी देते हुए कहा कि 17 वर्षीय किशोरी दोपहर के डेढ़ बजे किसी काम से खेत गई थी| गांव के एक युवक ने किशोरी को पीछे से पकड़ लिया| किशोरी की तरफ से विरोध करने पर युवक ने उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म करने का प्रयास किया| किसी तरह से किशोरी वहां से भागी और मामले की सूचना अपने परिजनों को दिया| जिसके बाद किशोरी के परिजन ग्रामीणों के साथ खेत की ओर बढ़े| गांव वालों को अपनी तरफ आता देख आरोपी युवक वहां से भाग निकला|

युवक ने आरोप लगते हुए कहा कि पुलिस ने मामले की तहरीर ली पर उसपर कोई कार्रवाई नहीं की| किशोरी के भाई ने कहा कि मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की बात कहने पर थानाध्यक्ष और वहां मौजूद एक दारोगा ने गंदी-गंदी गलियां देते हुए कहा कि रिपोर्ट दर्ज कराने से तुम्हारी बहन की बेईज्ज़ती होगी, ऐसा कहकर वहां से भगा दिया गया|

घटना को लेकर किशोरी के भाई का आरोप है कि ब्रहस्पतिवार को पुलिस घर पर आई और दबाव बनाकर आरोपी पक्ष से समझौता करते हुए लिखवाया कि वो कोई भी कार्रवाई नहीं चाहते हैं|

किशोरी के भाई का कहना है कि बहन गुरूवार दोपहर को घर से खेत की ओर गई| आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने से आहत थी| घर से थोड़ी दूर स्थित रेलवे लाइन जा पहुंची| सामने से आ रही ट्रेन के सामने खड़े होकर जान दे दी| परिजनों और ग्रामीणों ने बलरई थाना प्रभारी और दारोगा पर किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है|

घटना को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर खबर शेयर करते हुए लिखा कि लखनऊ और इटावा से मिली खबरों के अनुसार दो युवतियों ने छेड़छाड़ से परेशान होकर अपनी जान दे दी। दोनों युवतियों ने अपने- अपने थानों में शिकायत दर्ज कराई थी पर पुलिस प्रशासन ने मामले को दबाने का प्रयास किया। अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो इन दोनों की जान बचाई जा सकती थी। यह योगी जी के मिशन शक्ति की विफलता है। झूठे प्रचार पर ध्यान देने की बजाय सरकार को संवेदनशील होकर काम करने की जरूरत है। इस तरह की घटनाओं को रोकने व उनमें जवाबदेही तय करने की जरूरत है”।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here