गाजीपुर बॉर्डर: आन्दोलन को जारी रखने और गर्मी से बचाव के लिए टेंट में की जा रही पंखे कूलर की व्यवस्था

नए कृषि कानून को लेकर किसान संगठन और सरकार के बीच हुई कई बार की वार्ता किसी भी नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है| किसानों के आन्दोलन को लगभग तीन महीने हो चुके है पर सरकार किसानों की मांग को लगातार नाजायज करार कर रही है| वहीं सरकार कृषि कानून को किसानों के हित में बता रही है| दूसरी तरफ किसानों का कहना है कि सरकार जबतक ये कृषि कानून को वापस नहीं लेगी तबतक ये आन्दोलन जारी रहेगा|

जैसे-जैसे मौसम में परिवर्तन हो रहा है ठीक उसी प्रकार किसान संगठनों ने आन्दोलन को आगे बढ़ने के लिए कई इन्तेजाम करने शुरू कर दिए हैं| बॉर्डर पर कृषि कानून के खिलाफ लगातार आन्दोलन कर रहे किसानों ने मौसम के परिवर्तन को देखते हुए अपने पंडाल में पंखे कूलर की व्यवस्था का आगाज कर दिया है| किसान संगठन के इस तैयारी को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि किसान बिलकुल पीछे हटने के मूड में नहीं है|

किसान एकता मोर्चा के सदस्य बलिंदर सिंह का कहना है कि जिस प्रकार से मौसम करवट ले रहा है उसको देखते हुए आन्दोलन कर रहे किसानों को किसी भी प्रकार की तकलीफ न हो जिसको लेकर गाजीपुर बॉर्डर पर पंडालों में पंखे व कूलर लगाने की व्यवस्था चल रही है| बॉर्डर पर मौजूद किसानों के ट्राली में लगी झुग्गी में पंखे लगाने की व्यवस्था की जा रही है| उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के साथ किसानों को ताजा हवा मिलता रहेगा|

बलिंदर ने बताया कि गर्मी के समय किसानों को ठंडे पानी की व्यवस्था उपलब्ध करने के लिए इंतज़ाम किए जा रहे है| उन्होंने कहा की गर्मी को देखते हुए बॉर्डर पर मौजूद किसानों के अपने ट्रैक्टर-ट्राली में लटकने वाले पंखे के साथ-साथ कूलर लगाने की व्यवस्था कर रहे हैं|

उन्होंने कहा कि गांव से जो किसान बॉर्डर पर आ रहे हैं वो अपने साथ पंखे कूलर की व्यवस्था साथ ला रहे हैं| साथ ही सोने के लिए चटाई भी लाई जा रही है| ठंड के समय जहां चाय की व्यवस्था की जा रही थी वहीं अब गर्मी को देखते हुए बॉर्डर पर मठ्ठे की व्यवस्था की जा रही है|

बतादें किसानों के आन्दोलन को बदनाम करने के लिए के लिए कई प्रकार के पैतरे आजमाए गए और किसानों को खालिस्तानी आतंकवादी कहा गया| किसानों के बॉर्डर पर इन्तेजाम को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि किसान किसी भी हाल में पीछे हटने वाला नहीं है| किसानों का आन्दोलन केंद्र सरकार के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर सकता है|

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