किसानों ने किया हाई-वे जाम, टोल प्लाजा पर बिना शुल्क के निकले वाहन

कृषि कानून के विरोध में आज किसान दिल्ली-जयपुर हाई-वे को पूरी तरह से जाम करने और टोल प्लाजा को फ्री करने की बात कही है| किसान नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा किया पर टोल प्लाजा के साथ ट्रेन को रोकने की सबकी सहमती नहीं बन पाई|

किसान नेताओं ने गतिरोध का जिम्मेदार सरकार को ठहराया है| उनका कहना है कि सरकार हमारी मांगों को सुनकर, कानून को वापस ले लेता तो आज हमको सड़कों पर उतर कर आन्दोलन नहीं करना पड़ता| हम तबतक नहीं हटेंगे जब तक सरकार कानून को वापस नहीं ले लेती|

किसानों ने देर रात करनाल के घरोड़ा स्थित बसताड़ा और पानीपत टोल प्लाजा पर कब्ज़ा कर लिया| लोगों को बिना टोल शुल्क के यहां से निकाला गया| भाकियू नेता बलबीर सिंह जारेवाल ने कहा कि हम केवल अभी 2 दिन की रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं, अगर कोई कुछ कहता है तो वो आगे उसके संगठन का फैसला होगा| किसानों ने साफ़ करते हुए कहा है की ट्रेन को रोकने का हमारा कोई भी एजेंडा नहीं है|

किसानों ने कहा की सरकार अडानी-अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए कानून लाई है| इसलिए हम अंबानी और अडानी के जिओ सिम के साथ-साथ उनके सभी प्रोडक्ट का बहिस्कार कर देंगे जिसको लेकर 14 दिसंबर को प्रदर्शन किया जाएगा|

वहीं भाकियू (भानु) ने कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दखल याचिका दायर की है| जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्तूबर को कृषि कानून की वैधता को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं परिक्षण का निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है| किसान के समूह ने कहना है कि सरकार अपने मनमाने तरीके से ये कानून लेकर आई है|

दूसरी तरफ भाजपा सरकार ने कानून को लेकर एक अभियान चलाने की बात कही है| जिसमें इसी महीने देश के सभी जिलों में चौपाल लगाकर और प्रेस कांफ्रेंस के जरिये किसानों को कानून के फायदे बताएगी| पूरे देश में करीब 700 कार्यक्रमों किए जाएंगे| पार्टी के नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहेंगे |

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