लॉकडाउन के ताजा सर्वे पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से बिना विचार विमर्श के लगाए गये लॉकडाउन के बारे में तो आप सबको पता होगा| सरकार के इस फैसले से पूरे देश की जनता को क्या कुछ नहीं झेलना पड़ा| लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में तो हालात इसकदर थें कि बहुतों के घर में खाने को एक अन भी नहीं था| जो लोग अपना घर छोड़कर दूसरे प्रदेश में अपने परिवार का पेट भरने के लिए काम करने गये थे| उनके जीवन में तो हाहाकार मचा हुआ था|

लॉकडाउन में किसी भी तरह का साधन न होने के कारण लोग मीलों पैदल चलकर अपने घर की ओर चल दिए| केंद्र सरकार की तरफ से ये दावा करते हुए कहा गया था की भाजपा शासित प्रदेश के हर घर में राशन सामग्री देने का काम किया जा रहा है| वहीं अगर दूसरी तरफ देखा जाए तो वायरल विडियो और तस्वीर कुछ और ही बयां करती हैं|

वहीं दूसरी तरफ हंगर नाम की संस्था ने रिपोर्ट में बताया की लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर मुस्लिम और दलितों पर हुआ है| दूसरी तरफ अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा की 11 राज्यों के 45 फीसदी लोगों को लॉकडाउन के दौरान भोजन के लिए कर्ज लेना पड़ा|

रिपोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को लेकर बनाये गये तीनों कृषि कानून को लेकर कहा कि इससे पूरी खरीद प्रक्रिया पर असर होगा| इससे भूख के हालत और भी बत्तर होंगे|

सर्वे से इस बात का आकलन लगाया जा सकता है कि सरकार के लॉकडाउन और कृषि कानून का की असल सच्चाई क्या होगी|

इस सर्वे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि ‘मोदी सरकार ग़रीबों के मौलिक अधिकार छीन रही है। ये मानवता के विरुद्ध अपराध है। देश के बेहतर भविष्य के लिए हमें हर वर्ग के अधिकारों का सम्मान करना ही होगा’

 

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